जैन पत्रकार महासंघ की राष्ट्रीय वेबीनार संपन्न

जयपुर,३० नवंबर २०२०- परम पूज्य अभिज्ञ्ण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज Aacharya vasunandi maharaj की प्रेरणा ,आशीर्वाद एवं उनके सानिध्य में 29 नवंबर को जैन पत्रकार महासंघ (रजि.) Jain pके तत्वावधान में "जैन संस्कृति का संवर्धन व संरक्षण क्यों और कैसे" विषय पर अंतिम अनुबध्द केवली जम्बू स्वामी तपोस्थली बोल खेड़ा, कामा,भरतपुर (राजस्थान) से जूम ऐप के माध्यम से रमेश जैन तिजारिया जयपुर राष्ट्रीय अध्यक्ष जैन पत्रकार महासंघ की अध्यक्षता एवं पंजाब केसरी समाचार समूह के चेयरमैन स्वदेश भूषण जैन दिल्ली के मुख्य आतिथ्य में सफलता के साथ संपन्न हुई ।


    कार्यक्रम संयोजक एवं जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन,जयपुर ने अवगत कराया कि उक्त वेबीनार में दीप प्रज्वलन तपोस्थली के महामंत्री अरुण जैन बंटी कामां ने एवं आचार्य श्री की आरती जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिलीप जैन जयपुर ने सपरिवार की।

कार्यक्रम में जम्बूस्वामी तपोस्थली क्षेत्र का सारगर्भित परिचय संजय जैन बड़जात्या राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंत्री जैन पत्रकार महासंघ ने दिया।
सभी अतिथि, वक्ता,विद्वान,विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, श्रेष्ठिगण जो जूम एप पर उपस्थित थे का जैन पत्रकार महासंघ की ओर से राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने स्वागत एवं अभिनंदन किया और कहा कि आज जम्बूस्वामी तपोस्थली बोलखेड़ा से राष्ट्रीय वेबीनार परम पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी के सानिध्य में हो रही है यह पत्रकार महासंघ के लिए गौरव की बात है।

परम पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि जैन संस्कृति के माध्यम से अनेक आत्मा को परमात्मा बनाने में सफल हुए हैं,संपूर्ण भारतवर्ष में उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम तक जैन संस्कृति का प्रभाव दिखाई देता है किंतु भविष्य में जैन संस्कृति का संवर्धन व संरक्षण युवाओं के माध्यम से ही संभव है,उन्होंने जैन पत्रकार महासंघ को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि युवाओं को संगठन में जोड़कर जैनत्व के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए।

वेबीनार में डॉक्टर अनुपम जैन इंदौर ने खानपान शुद्धि एवं खानदान शुद्धि,पांडुलिपि,प्राचीन शिलालेखों के संरक्षण के संबंध में प्रकाश डाला।

डॉ अनिल जैन जयपुर राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष महासंघ ने कहा कि ,पांचो पापों से बचना चाहिए यह जैन संस्कृति का मूल है पूर्व में जैन बंधु हिंसा से संबंधित व्यापार करते थे उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा का प्रचार प्रसार हो ।

  युवा विद्वान डॉ- सुनील जैन संचय ललितपुर ने जैन संस्कृति तीर्थंकरों की संस्कृति है, जैनों की पहचान  प्रतिदिन देवदर्शन,पानी छानकर पीना , रात्रि भोजन नहीं करना आदि से है, जैन जनगणना में जैन लिखवाऐं, प्राकृति भाषा का प्रचार हो, मानव कल्याण के लिए अहिंसा उत्पादकों के लिए जागरूक होने की आवश्यकता है। 

    जैन मनीषी राजेंद्र महावीर सनावद ने कहा कि, जैन संस्कृति गौरवशाली है परम पूज्य विद्यानंद जी महाराज ने जैन संस्कृति को विश्व के सामने रखा, जैन धर्म को राष्ट्र धर्म बनाने की क्षमता है।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वदेश भूषण जैन, दिल्ली ने कहा कि पांडुलिपि का प्रदर्शन होना चाहिए,साधुवर्ग के संरक्षण की आवश्यकता है, समाज संगठित हो, राष्ट्रीय संस्थाएं जैन पत्रकारों का मान सम्मान करें ,जैन पत्रकार अपनी संस्कृति का प्रचारित करें ।

    वेबीनार में युवा विदुषी डॉ मनीषा जैन लाडनूं राष्ट्रीय मंत्री जैन पत्रकार महासंघ ने कहा कि, संतवाद -पंथवाद से हटकर कार्य हो और शिक्षा पद्धति से वर्तमान पीढ़ी को  संस्कारित होने की आवश्यकता है। 

   अकलेश जैन अजमेर राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री ने कहा कि,जैन मंदिरों के माध्यम से जैन संस्कृति का संरक्षण प्रचार प्रसार होना चाहिए ,राष्ट्रीय संस्थाओं व मीडिया को समाज सहयोग करे।

    राजेश जैन रागी वकस्वाहा संयोजक बुंदेलखंड  प्रान्त जैन पत्रकार महासंघ ने कहा कि तीर्थ, मूर्तियां,पांडुलिपि जैन संस्कृति के आधार है, विरासत में प्राप्त जैन धरोहर की सुरक्षा की आवश्यकता है।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया जयपुर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि जैन पत्रकार अपनी लेखनी व विचारों से जैन संस्कृति का संरक्षण करें जैन पत्रकार महासंघ का प्रमुख उद्देश्य जैन संस्कृति का संवर्धन व संरक्षण है अधिक से अधिक पत्रकार ,संपादक ,विद्वान,एवं  लेखक इस महासंघ  से जुड़कर शक्तिशाली संगठन के लिए सहयोग करें। महेंद्र कुमार बैराठी जयपुर  राष्ट्रीय प्रचार मंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक प्रचार प्रसार की आवश्यकता है।

      डॉ प्रगति जैन इन्दौर राष्ट्रीय मंत्री जैन पत्रकार महासंघ ने कुशल संचालन करते हुए परम पूज्य आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज  गिरनार गौरव निर्मलसागर जी महाराज, वागड गौरव रयण सागर जी महाराज का जो देवलोक गमन हुआ उनके प्रति महासंघ की ओर से विनयांजली प्रस्तुत की गई। 

    वेबिनार में विशेष रूप से वरिष्ठ पत्रकार राकेश देवपुरी इन्दौर,वरिष्ठ एडवोकेट अंजना जैन बडवानी,विभिन्न संस्थाओं के प्रमुख पदाधिकारियों एवं सदस्यों केसाथ,महासंघ के पदाधिकारी एवं सदस्यगण आदि उपस्थित थे। 

     महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मनीष शास्त्री शाहगढ ने सभी उपस्थित अतिथियों, विभिन्न संस्थाओं के प्रमुख पदाधिकारियों एवं सदस्यों, वेबिनार में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वालोँ का, जूम एप के तकनीकी सहयोगी पं - प्रद्मुन शास्त्री  जयपुर ,अंजना जैन जयपुर आदि सभी का आभार व्यक्त किया।

     जैन संस्कृति के माध्यम से अनेक आत्मा को परमात्मा बनाने में सफल- आचार्य वसुनंदी महाराज Succeeded in making many souls divine through Jain culture - Aacharya vasunandi maharaj 
 
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