जैन पत्रकार महासंघ की राष्ट्रीय वेबीनार ज्ञानमती माताजी के गुणानुवाद पर सफलता के साथ संपन्न 
ज्ञानमती माताजी जैनत्व के उत्थान में वरदान


जयपुर,२१ अक्टूबर२०२०- जैन पत्रकार महासंघ (रजि) के तत्वावधान में परम पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ  के सानिध्य में जूम एप पर जंबूद्वीप हस्तिनापुर से २० अक्टूबर रात्रि ७:०० बजे से जैन संस्कृति के उत्थान में गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी का योगदान विषय पर रमेश जैन तिजारिया राष्ट्रीय अध्यक्ष जैन पत्रकार महासंघ की अध्यक्षता , मुख्य अतिथि सुनील जैन पूर्व विधायक सागर,कपिल  मलैया अध्यक्ष दिगंबर सिद्ध क्षेत्र द्रोणागिरी , कार्यक्रम का निर्देशन डॉक्टर अनुपम जैन इंदौर द्वारा किया गया कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉक्टर जीवन प्रकाश जैन जम्बूद्वीप हस्तिनापुर द्वारा किया गया।

 
   कार्यक्रम के संयोजक उदयभान जैन जयपुर राष्ट्रीय महामंत्री  एवं मनीष शास्त्री शाहगढ़  राष्ट्रीय संगठन मंत्री  थे। सर्वप्रथम मंगलाचरण डॉ मनीषा जैन  लाडनू  ने प्राकृतिक भाषा में किया साथ ही उन्होंने मंगलाचरण के संबंध में व्याख्या भी की ।


बेबीनार में प्रमुख रूप से प्रतिष्ठाचार्य विजय कुमार जैन जम्बूद्वीप हस्तिनापुर ने गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर  प्रकाश डाला


प्रो.टीकमचंद जैन दिल्ली ने माताजी ने जो उपलब्धियां प्राप्त की के बारे में अवगत कराया। तथा जम्बूद्वीप ज्योति रथ के प्रवर्तन के संस्मरण सुनाएं ।


डॉ अनिल जैन वरिष्ठ उपाध्यक्ष जैन पत्रकार महासंघ ने एवं जैन संस्कृति में ४०० से अधिक ग्रंथों की रचना, उन्होंने कहा कि माताजी ने हस्तिनापुर, अयोध्या, मांगीतुंगी आदि क्षेत्रों में खड़गासन प्रतिमा की स्थापना जैन संस्कृति जयवंत रहे इस उद्देश्य को लेकर कराई जो बहुत ही सराहनीय कदम है ।


दामोदर सेठ मंत्री ,नैनागिरी क्षेत्र ने समन्वय समानता का केंद्र अयोध्या में बने जिससे श्वेतांबर दिगंबर सभी आमनाओं के  मिलकर कार्य करें ऐसी भावना व्यक्त की मानव सेवा में विकलांगों की सहायता निशुल्क स्थापित हो पर भी प्रकाश डाला 

वरिष्ठ पत्रकार / सम्पादक महावीर जैन सनावद ने कहा कि जैन धर्म को जन-जन तक पहुंचाने का उत्कृष्ट कार्य माता जी ने किया एवं उनमें सब को साथ ले चलने एवम महिला सशक्तिकरण  -शक्ति देखने को मिलती है ।  

डा सुनील जैन संचय ललितपुर ने माताजी की उपलब्धियों पर अनेकों संस्मरण सुना साक्षात सरस्वती का रूप बताया।

डा अनुपम जैन इन्दौर ने कहा कि पत्रकारों के लिए माताजी ने सन १९९५ में चार सूत्र प्रदान किए इनमें प्रमुख रूप से आर्षपरम्परा,पीछी कमंडल गुरु का सम्मान, दिगम्बरत्व में संरक्षण बढाने का  काम ,भेदभाव मिटाकर जीव रक्षा सम्बन्धी कार्य,  पंडित जयसैन जैन इंदौर ने भी अपने विचार प्रकट किए।

 मुख्य अतिथि सुनील जैन संपादक दैनिक आचरण ने माता जी द्वारा जैन  संस्कृति के उत्थान में अनेकों कार्य किए यह जैन समाज का गौरव है माताजी दीर्घायु हों, कपिल मलैया अध्यक्ष दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र द्रोंणगिरी ने माताजी बुंदेलखंड पधारी उस समय के संस्मरण सुनाये और माताजी का वात्सल्य उत्तम है । 

 अध्यक्षीय उद्बोधन में रमेश जैन तिजारिया ने माताजी के कृतित्व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और जैन पत्रकार महासंघ को दिशा निर्देश , मार्गदर्शन मिलता रहे ऐसी मंगल कामना करते हैं,  देर रात तक चली इस वेबिनार  में सभी को परम् पूज्य गणिनी प्रमुख श्री ज्ञान मती माताजी एवं प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चन्दनामती माताजी द्वारा  २१ तारीख पारस चैनल पर लाइव प्रसारण में पत्रकार महासंघ के आयोजन को उपयुक्त बताते हुए आशीर्वाद प्रदान किया

 कार्यक्रम में अकलेश जैन अजमेर, मनीष शास्त्री शाहगढ ,दिलीप जैन जयपुर,राकेश चपलमन कोटा, सुरेन्द्र प्रकाश जैन जयपुर, पत्रकार मनोज जैन सोनी निम्बाहेडा, एम के बैराठी जयपुर   , प्रकाश पाटनी भीलवाड़ा,अभिषेक जैन रामगंज मंडी, संजय जैन बड़जात्या कामां, पीयूष जैन  जयपुर, अनिल महुआ, डा प्रगति जैन इंदौर, आदि पत्रकार संपादक श्रेष्ठीगाण जुड़े

 बेबीनार के अंत में उदयभान जैन राष्ट्रीय महामंत्री पत्रकार महासंघ ने सभी अतिथियों मुख्य वक्ताओं उपस्थित विद्वानों पत्रकारों संपादकों सृष्टि गण पदाधिकारी एवं सदस्यगण विभिन्न संस्थाओं के अध्यक्ष महामंत्री एवं प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी महानुभावों का आभार व्यक्त किया।
 
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